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ओवैसी ने रखी शर्त : यूपी में मुस्लिम डिप्टी सीएम बनाएं तो सपा से हो सकता है गठबंधन

सांसद असदुद्दीन औवैसी के नेतृत्व वाली आल इण्डिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-ए-मुस्लमीन (एआईएमआईएम) ने समाजवादी पार्टी के साथ चुनावी समझौते के लिए शर्त रखी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने कहा कि विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी भागीदारी मोर्चे के किसी वरिष्ठ मुस्लिम एमएलए को उपमुख्यमंत्री बनाने को तैयार हो तो उसके साथ चुनावी गठबंधन हो सकता है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद असद्उद्दीन ओवैसी अगस्त की शुरूआत में एक बार फिर प्रदेश में होंगे। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ओवैसी अभी कुछ ही दिन पहले मुरादाबाद व आसपस के इलाकों में पार्टी के कार्यकर्ताओं से मिले और संगठन को मजबूत करते हुए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की रणनीति पर विचार किया था।

अब अगस्त की शुरुआत में ओवैसी प्रयागराज, फतेहपुर, कौशाम्बी और आसपास के अन्य जिलों में कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। इसके अलावा इसी दौरान वह बुद्धिजीवियों के अलग-अलग समूहों से भी मिलेंगे। इनमें खासतौर पर मुस्लिम, दलित, व पिछड़े वर्ग के वकील, अधिकारी, डाक्टर, इंजीनियर व अन्य प्रेाफेशनल भी शामिल रहेंगे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में कहा कि यूपी में संगठनात्मक ढांचा खड़ा हो गया है। पार्टी यूपी के इस बार के विधानसभा चुनाव में सौ सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने का एलान पहले ही कर चुकी है।

यूपी में अगर भाजपा को रोकना है तो सपा-बसपा के साथ हमारा भागीदारी संकल्प मोर्चा मिलकर लड़ें। इससे मुसलमानों का 20 प्रतिशत वोट बिखरने से बच जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर बसपा से बात नहीं बनती है तो भागीदारी संकल्प मोर्चा समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने को तैयार है। मगर इसमें शर्त रहेगी कि सरकार बनने पर उपमुख्यमंत्री मोर्चे के किसी वरिष्ठ मुस्लिम विधायक को बनाया जाए। कांग्रेस के साथ उनकी पार्टी या मोर्चे का कोई गठबंधन नहीं होगा क्योंकि कांग्रेस डूबता जहाज है। रही बात आम आदमी पार्टी की तो उसका यूपी में कोई जनाधार नहीं है।