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खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स : पदक हथियाने के लिए पसीना बहा रहे मुकुल

चंद्रशेखर विवि बलिया की टीम का हिस्सा है बनारस का मल्ल
फ्री स्टाइल मुकाबले में 79 किलो भार वर्ग में पेश करेगा चुनौती

सुरेश गांधी

वाराणसी : जूनियर इंडिया रेसलिंग चैंपियनशिप में यूपी के लिए रजत पदक जीत चुके 24 साल के युवा पहलवान मुकुल मिश्र की नजर अब खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के पदक पर हैं। आईआईटी बीएचयू में 27 से शुरू हो रहे खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में मुकुल जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया की टीम का हिस्सा हैं। मुकुल फ्री स्टाइल कुश्ती के 79 किलोग्राम भार वर्ग में चुनौती पेश करेंगे। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में अपनी छाप छोड़ने का जुनून मुकुल पर इस कदर हावी है कि वे भीषण गर्मी में भी पांच से छह घंटे कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। मुकुल का कहना है कि मेरी नजर सिर्फ पदक पर है। उसका रंग चाहे कुछ भी हो। मेरी तैयारी पूरी है। फिटनेस की भी कोई समस्या नहीं। बता दें, मुकुल को कुश्ती विरासत में मिली है। उनके पिता रविंद्र मिश्रा भी राष्ट्रीय स्तर के पहलवान रह चुके हैं। फिलहाल वह रेलवे कुश्ती टीम के प्रशिक्षक है। इन दिनों 70 से अधिक युवा मल्ल उनकी देखरेख में बरेका में कुश्ती के दांवपेच सीख रहे हैं। मुकुल भी पिता के निर्देशन में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की तैयारियों में व्यस्त हैं। मुकुल इससे पहले इसी साल केरल में संपन्न राष्ट्रीय अंडर 23 कुश्ती चैंपियनशिप में यूपी टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य पदक जीत चुके हैं।

मानसी यादव की स्वर्ण पदक पर नजर

आईआईटी बीएचयू के रमेश श्रीनिवासन मेमोरियल स्टूडेंट एक्टीविटीज सेंटर पर खेलों इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के कुश्ती के मुकाबले होंगे। इस प्रतिष्ठापरक प्रतियोगिता में वाराणसी की युवा पहलवान मानसी यादव अवध विश्वविद्यालय की टीम का हिस्सा है। मानसी का खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के लिए चयन पिछले दिनों पुणे में संपन्न अंतर विश्वविद्यालय कुश्ती प्रतियोगिता में प्रदर्शन के आधार पर हुआ है। मानसी 53 किलोग्राम भार वर्ग में चुनौती पेश करेंगी। मानसी का कहना है कि प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक के अलावा मुझे कुछ भी मंजूर नहीं। किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हूं। हालांकि उन्होंने कहा कि मेजबान होने की वजह से उनके ऊपर बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव होगा। बता दें, मानसी ने अपने कैरियर की शुरुआत डॉ भीमराव आंबेडकर क्रीड़ा संकुल लालपुर में कुश्ती कोच गोरख यादव की देखरेख में की। इसके बाद वे नंदिनी नगर चली गई। जूनियर स्तर पर यूपी और उसके बाद राष्ट्रीय टीम का उन्हें प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। उन्होंने कभी भी अपने चयनकर्ताओं को मायूस नहीं किया। जब भी मौका मिला पदक अपने नाम किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी मानसी यहां 53 किलोग्राम भार वर्ग में पदक की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं। उनके कोच गोरख यादव कहते हैं, मानसी इन दिनों लालपुर स्टेडियम में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की तैयारियों में व्यस्त हैं। उनकी तकनीक बेहतर है। हाल के दिनों में उन्होंने अपनी तकनीक भी सुधारी है। प्रतिद्वंदी पहलवानों पर तगड़ी पकड़ बनाने में उन्हें महारत हासिल है। यही उनकी कामयाबी का मंत्र है।

ग्रीकोरोमन, फ्री स्टाइल के साथ ही महिला वर्ग में होंगे मुकाबले

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के तहत आईआईटी बीएचयू के स्टूडेंट एक्टीविटी सेंटर में आयोजित कुश्ती के मुकाबले 30 अलग-अलग भार वर्गों में होंगे। चार दिवसीय यह प्रतियोगिता ग्रीकोरोमन, फ्री स्टाइल के साथ ही महिला वर्ग में आयोजित है। मुख्य मुकाबले 27 मई से प्रारंभ होंगे। इससे ठीक एक दिन पहले प्रतियोगिता स्थल पर ही रेफरी क्लीनिक और तकनीकी अधिकारियों की बैठक आयोजित है। इस बैठक में भारतीय खेल प्राधिकरण के रेफरियों के साथ ही प्रतिभागी टीमों के कोच और मैनेजर शामिल होंगे। फ्री स्टाइल कुश्ती के मुकाबले 57, 61, 65, 70, 74, 79, 86, 92, 97 एवं 125 किलोग्राम भार वर्ग में आयोजित हैं। इसी प्रकार ग्रीकोरोमन के मुकाबले 55, 60, 63, 67, 72, 77, 82, 87, 97 एवं 130 किलोग्राम भार वर्ग में होंगे। जबकि महिला वर्ग के मुकाबले 50, 53, 55, 57, 59, 62, 65, 68, 72 और 76 किलोग्राम भार वर्ग में आयोजित है। 27