नवरात्र यानी मां दुर्गा के नौ दिन में भक्त अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए पूरी आस्था से मां की आराधना में दिन-रात एक कर देते हैं। लेकिन कभी-कभी आराधना या उपवास करते समय भक्त ऐसे कार्य कर बैठते हैं, जिनसे उनकी मनोकामना पूरी होने में संशय की स्थित बन जाती है।
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– दिन में न सोएं, दिन में सोने से आयु कम होती है। और शरीर में आलस्य बना रहता है।
– नवरात्र के नौ दिनों में बाल-नाखून न काटें। हालांकि बच्चे का मुंडन संस्कार करवा सकते हैं।
– यदि नौ दिन का उपवास कर रहे हों तो घर से बाहर नहीं जाना चाहिए। यदि जा रहे हैं तो घर पूरी तरह से बंद बिल्कुल भी न करें।
– चैत्र नवरात्र के समय शरद ऋतु के बाद वर्षा ऋतु आने वाली होती है। ऐसे में वृक्षों में लगे के पुष्प, फल में परिवर्तित होते हैं। यह समय उनका गर्भाधारण कहलाता है। इसलिए देवी को अन्न का भोग न अर्पित करें।
– नवरात्र राक्षसी शक्तियां के अंत का समय है, इसलिए अंधकार में न रहें और काले रंग के वस्त्र न पहनें।
– तामसिक प्रकार का भोजन जैसे प्याज-लहसुन, मांस-मदिरा का सेवन न करें।
– खट्टे और चटपटे पदार्थों का उपवास में न करें। ऐसा करने पर कुछ इंद्रियां अपना प्रभाव बदल सकती हैं।
– नवरात्र के समय घर पर आई किसी भी कन्या को भोजन जरूर करवाएं और उसे खाली हाथ विदा न करें।