भारत और इंग्लैड के बीच चल रहे तीन मैचो की टी-20 सीरीज 1-1 की बराबरी पर है। इस सीरीज का पहला मैच इंग्लैड ने भारतीय टीम को बड़ी आसानी से हरा कर जीता था। लेकिन दूसरे मैच में भारतीय टीम ने वापसी कर इंग्लैड को 5 रनो से हराकर सीरीज में बराबरी कर ली। भारत की इस जीत की बदौलत अब सीरीज पर किसका कब्जा होगा इसका फैसला सीरीज के तीसरे और आखरी मैच में होगा।
भारतीय टीम को दूसरे टी-20 मैच में आखिरी ओवर में बुमराह की घातक गेंदबाजी के दम पर जीत मिली थी। इस मैच की आखिरी गेंद तक रोमांच बना हुआ था। इंग्लैंड लगभग मैच जीत चुका था, लेकिन भाग्य ने भारत का साथ दिया और भारत की जीत हुई।
मैच के दौरान इंग्लैंड की ओर से रूट और बटलर पिच पर जिस समय तक जमे हुए थे तब तक ऐसा लग रहा था कि मैच इंग्लैंड जीत ले जाएगा। इन सबके बीच कप्तान कोहली काफी घबराए हुए नजर आ रहे थे और इससे कोहली और धोनी की कप्तानी के बीच का फर्क साफ दिखाई दे रहा था।
एक ओर धोनी जब कप्तानी करते थे तो उनके हाव-भाव परिस्थितियो के अनुसार नही बदलते थे, परिस्थिति चाहे नोरमल होती या टेंस उनके चेहरे पर एक ही भाव रहता था। इसलिए उन्हे कैप्टन कूल के नाम से भी जाना जाता है।
वही भारत के वर्तमान कप्तान विराट कोहली के हाव भाव मैच की परिस्थितियो के अनुसार बदलते रहते है। कोहली टेन्स परिस्थितियो मे काफी घबराए नजर आते है।
धोनी की इसी खूबी के कारण उन्हे मैच के आखरी क्षणो में सबसे अच्छा कप्तान माना जाता है और इसका मुआयना उन्होने एक बार फिर दूसरे टी-20 मैच में दिया था। जब मैच के आखरी क्षणो में जब कोहली काफी परेशान दिख रहे थे, उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था कि अब वो क्या करें, उस समय धौनी ने उनकी मदद की।
धौनी ने उन्हें अपने अनुसार फिल्डिंग सजाने का सुझाव दिया, उस समय धौनी ने ही टीम की कमान संभाल ली और फिल्डिंग सजाने लगे। आखिरी ओवर में गेंद बुमराह के हाथों में थी और इस ओवर में जो हुआ सबने देखा, भारत ने इंग्लैंड से मैच 5 रनो से जीत लिया। इस मैच में धौनी ने कोहली की काफी मदद की।
हालांकि धौनी ने कप्तानी छोड़ते समय यह साफ कर दिया था कि वो मैदान पर भले ही कप्तान नहीं रहेंगे, लेकिन वो कोहली के मेंटर के रूप में हमेशा काम करते रहेंगे।
इससे पहले पुणे वनडे में तो धौनी ये भूल गये थे कि वो कप्तान नहीं रहे और उन्होंने कोहली के देर करने पर खुद ही रिव्यू मांग लिया था, लेकिन बाद में उन्हें जब याद आया कि वो कप्तान नहीं हैं, तो फिर उन्होंने कोहली की ओर रिव्यू की मांग के लिए इशारा कर दिया। धौनी के इस फैसले से भारत को लाभ भी हुआ।
धौनी भले ही आज कप्तान नहीं हैं, लेकिन वो कोहली का मैच की हर कठिन परिस्थिति में साथ दे रहे है जिससे भारतीय टीम को धौनी के अनुभव और कोहली के जोश से काफी फायदा मिल रहा है। अभ्यास के दौरान भी धौनी ने कोहली की अनुपस्थित में टीम की कमान अपने हाथ में ले ली थी।